चाहत
February 14, 2008 — ramkissmeतेरे लबों से है रंगत फोलों में
तेरी आंखों से है चमक सितारों में
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तू जो मुस्कुराके देख ले आसमान को
चाँद भी शरमाके झुक जाए तेरे क़दमो में
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दुनिया में लाखों हसीं हैं
तू एक हसीन है लाखों में
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सो रहे थे जज्बात मेरे तेरे दीदार से पहले
तुझे देख कर जागी है मोहब्बत इस दिल में
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जो तुम मिल गई अगर मुझ को आये सनम
रोनक हो जायेगी मेरी जिंदगानी में
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मैंने तेरे प्यार में दिलको ज़ख्मी कर लिया है
अब तो चुपाले मुझको अपने आँचल की आड़ में
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कुबूल कर मेरे प्यार को आये जाने -ऐ -फसीह
न मिलेगा मुझ जैसा आशिक सारी दुनिया में
February 14, 2008 at 1:26 pm
अधूरी हसरतें – ग़ज़ल
कुछ अधूरी हसरतें अश्के-रवाँ में बह गये
क्या कहें इस दिल की हालत, शिद्दते-ग़म सह गये।
गुफ़तगू में फूल झड़ते थे किसी के होंट से
याद उनकी ख़ार बन, दिल में चुभो के रह गये।
जब मिले हम से कभी, इक अजनबी की ही तरह
पर निगाहों से मिरे दिल की कहानी कह गये।