न सोचा न समझा न सीखा न जाना
February 15, 2008 — ramkissmeन सोचा न समझा न सीखा न जाना
मुझे आ गया खुदबखुद दिल लगना…..
जरा देखा कर अपना जलवा दिखाना
सिमट कर यही आ न जाए जमाना….
जुंबा पर लगी हैं वफावो की मुहरे
खामोशी मुझे कह रही हैं फ़साना ….
गुलो तक लगाई तो आशा हैं लेकिन
हैं दुश्वार कांटो से दामन बचाना….
करो लाख तुम मातम-ऐ-नौजवानी
प ‘मीर’ अब नही आयेगा वोह ज़माना….