प्यार प्यार बस प्यार

लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ रहा हैं यह प्यार हमारे देश की शान हैं क्योकी प्यार से बढ़ कर कुछ भी नही मन जाता इसलिए प्यार से कभी भी  नही डरना चाहिए प्यार तो हर उमर में हो सकता हैं वो चाहे जवानी हो या बुढापा इसलिए प्यार ही सब कुछ हैं

ये न हो तो कुछ भी नही सब बेकार हैं

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और भगवान ने भी प्यार को सर्व पर्थ्म मन हैं इसलिए मेरी राय से सबको प्यार करना चाहिए??

मैंने प्यार करना सिख लिया हैं

कई लोग लड़के कहते है की पयत करना केसे सिखाते हैं और उसका मजा केसे लेते हैं मगर

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 मेरा मानना हैं की प्यार करना बहुत अच्छी हैं प्यार कराने से लड़का खुस रहता हैं

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 यही मेरे हाल हैं मेने भी प्यार करना सिख लिया हैं प्यार प्यार या लव लव दोना का एक ही मतलब होता हैं प्यार में और लव में कोई अंतर नही हैं

लड़की की कीस

में बहुत दिनों से सोच रहा हू की में अपनी बंदी की कीस लू मगर में डर के मरे उसकी कीस नही ले पा रहा हू कही वह गुस्सा न हो जाए

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मेरे मन बहुत दिनों से उसके चुम्मी लेने का मन है

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में सोचा रहा हू की उसको डेट पर बुला कर उसके कीसी लू
और मेने ऐसा ही किया उसे फ़ोन पर बुला कहा की आज हम डेट पर चलेंगे और वह मान गई और में उसे जंत्र-मंत्र ले गया वह जाकर मेने उसकी कीस ले एक बार से मजा नही आया थो हजार बार ली और उस दिन मुझे मजा आ गया ये थी मेरी चुम्मी की कहानी

हँसी के रसगुलले

एक आदमी की पत्नी एकाएक कही गायब हो गई

”सुना हैं  आपकी पत्नी कही गायब हो गई? ” िकसी ने पूछा

” जी हाँ! आपने ठीक सुना हैं ” उतर मिला

”पुलिस मे रिपोर्ट लिखा दी

”नही”

”क्यो”

”िपछली बार जब मेरी पत्नी गायब हुई थी मैंने पुलिस मे रिपोर्ट िलखवाई थी

तब बहुत गङबङ हो गई थी ”

”केसी गङबङ”?

”पुलिस वाले उसे तलाश करके ले आये थे!!

ना कोई मेरी मंजिल है न किनारा……है

न  कोई  मेरी  मंजिल  है  न  किनारा

तन्हाई  मेरी  महफिल  और  यादें  मेरा  सहारा

उनसे  बिचाद  कर  कुछ  यूं  वक्त  गुज़रा

कभी  ज़िंदगी  को  तरसे  कभी  मौत  को  पुकारा

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यादो  मैं  कभी  आप  भी  खोये  होगे

खुली  आंखो  से  कभी  आप  भी  सोये  होगे

माना  हँसना  है  आदत  गम  छुपाने  की

पर  हस्ते  हस्ते  कभी  आप  भी  रोये  होगे

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जो  पूछता  है  कोई  सुर्ख  किउन  हैं  आज  आंखें

तो  आंख  मॉल  के  खेती  हों  के  रात  सो  न  सकी

हज़ार  चाहों  मगर  यह  न  खे  सको  गी  कभी  भी

के  रात  रोने  की  खुव्हिश  थी  मगर  रू  न  सकी

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चाँद  लम्हात  के  वास्ते  ही  सही

मुस्कुराकर  मिली  थी  मुझे  जिंदगी

तेरी  आघोष  में  दिन  थे  मेरे  कटे

तेरी  बाहों  में  थी  मेरी  राते  कटी

आज  भी  जब  वह  पल  मुझको  याद  आते  है

दिल  से  सारे  ग़मों  को  भुला  जाते  है

बीते  लम्हें  हमें  जब  भी  याद  आते  है

बेवफा….

 एक बेवफा के जख्मो पर….मरहम लगाने हम गए….

मरहम की कसम मरहम न मिला……मर हम गए……

तेरे शेर  विच  सारे अपने ही वस्दे ने,

सादे पिंड  वस्दे ने गैर…

जीने मिले सानु सब मिले दुःख देन वाले….किसी ने पौची साडी कैर….

एक छोटी-सी लव स्टोरी हैं

एक छोटी-सी लव स्टोरी हैं

मैं काला हूँ तू गोरी हैं

एक छोटी-सी लव स्टोरी हैं

मैं तेरा हूँ तू मेरी हैं

एक छोटी सी लव स्टोरी हैं

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अजी पहली बार कहा मिले थे हम

मिले क्या थे लड़ पड़े थे हम

हमने कहा था गलती तुम्हारी हैं

तुमने कहा था गलती हमारी हैं

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गलती किसी की भी हो बड़ी प्यारी हैं

एक छोटी सी लव स्टोरी हैं

मैं तेरा हू तू मेरी हैं

एक छोटी सी लव स्टोरी हैं

मैं काला हूँ तू गोरी हैं

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अजी आपका हाल केंसा हैं

जी बिल्कुल आपके जेसा हैं

थोडी-थोडी बेकरारी हैं

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जबसे देखा तुझको जब से

यह सब जारी हैं

एक छोटी सी लव स्टोरी हैं

मैं तेरा हूँ तू मेरी हैं

एक छोटी सी लव स्टोरी हैं

मैं काला हूँ तू गोरी हैं

फारूकी

दुःख तू  यह  हे  के  अपने  ही  हाथों
घिर  महफूज़  हू  गया  जीवन

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हम  ने  घाम  में  इलाज  दूंध  लिया
वरना  सुब  ला-इलाज  बैठे  हैं

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इशाक  की  राह  पर्ने  वलून  को
हिजर  बी-चैन  कर  के  मरता  हे

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अपना  अपना  नसीब  होता  हे
हम  भरे  शहर  में  अकेले  हैं

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तुम  ने  दिल  का  कहा, तू  फिर  सुन  लू
हम  ने  बुक्सा  तुम्हें  कियामत  तक!!

मोहब्बत मैं जुदाई क्यों है

आये खुदा तुने  मोहब्बत  यह  बनाई  क्यों  है ?
गर  बनाई  तो  मोहब्बत में जुदाई क्यों है?

क्यों दीया प्यार मुझे इसकी ज़रूरत क्या थी
मेरी बर्बादी मैं शामिल तेरी हिकमत क्या थी
मेरी राहों में खुशबू का सफर रहता था
दिल में आबाद गुलाबों का नगर रहता था
ज़िंदगी खार भरी राह में लायी क्यों है
आये खुदा तुने मोहब्बत यह बनाई क्यों है?

मैं हूँ बिखरी हुई गर्दिश में सितारे मेरे
घूम के तूफान में डूबे है किनारे मेरे
न खतावार न मुजरिम न गुनहगार हूँ मैं
सच तो  यह है के मोहब्बत की परस्तार हूँ मैं
यह सज़ा फिर भी मेरे हिस्से में आई क्यों है
आये खुदा तुने मोहब्बत यह बनाई क्यों है?

मैं अगर रोऊँ तो सेहरा को समंदर कर दूँ
सख्त हो जाऊँ अगर मोम को पत्थर कर दूँ
राख हो जाए जहाँ मैं अगर आह भारू
आसमान टूट पड़े तुझसे  जो फरियाद  करू
इतनी गहराई मेरे इश्क में आई क्यों है
आये खुदा तुने मोहब्बत यह बनाई क्यों है?
गर बनाई तो मोहब्बत में जुदाई क्यों है?