जरा देखा कर अपना जलवा दिखाना
सिमट कर यही आ न जाए जमाना….
जुंबा पर लगी हैं वफावो की मुहरे
खामोशी मुझे कह रही हैं फ़साना ….
गुलो तक लगाई तो आशा हैं लेकिन
हैं दुश्वार कांटो से दामन बचाना….
करो लाख तुम मातम-ऐ-नौजवानी
प ‘मीर’ अब नही आयेगा वोह ज़माना….
हम ने घाम में इलाज दूंध लिया
वरना सुब ला-इलाज बैठे हैं
इशाक की राह पर्ने वलून को
हिजर बी-चैन कर के मरता हे
अपना अपना नसीब होता हे
हम भरे शहर में अकेले हैं
तुम ने दिल का कहा, तू फिर सुन लू
हम ने बुक्सा तुम्हें कियामत तक!!
तू जो मुस्कुराके देख ले आसमान को
चाँद भी शरमाके झुक जाए तेरे क़दमो में
दुनिया में लाखों हसीं हैं
तू एक हसीन है लाखों में
सो रहे थे जज्बात मेरे तेरे दीदार से पहले
तुझे देख कर जागी है मोहब्बत इस दिल में
जो तुम मिल गई अगर मुझ को आये सनम
रोनक हो जायेगी मेरी जिंदगानी में
मैंने तेरे प्यार में दिलको ज़ख्मी कर लिया है
अब तो चुपाले मुझको अपने आँचल की आड़ में
कुबूल कर मेरे प्यार को आये जाने -ऐ -फसीह
न मिलेगा मुझ जैसा आशिक सारी दुनिया में